For our national sports players

 हेल्लो दोस्तों

  विषय:- अन्य राष्ट्रमंडल खेलों पर चर्चा! 

हमारे ओलंपिक पदक विजेता को सरकार  आज पुरस्कार में करोड़ों रुपया दे रही हैं। और जब इन्ही खिलाडियों को पदक जितने से पूर्व इनकी तैयारियों के लिए रुपए नहीं होते,  तो उस समय हमारी सरकार इन्हें मदद् नहीं करती। बल्कि इनको जीतने के बाद नहीं पहले मदद् की बहुत ज़रूरत होतीं हैं। आज मै आपके सामने ऐसा कुछ कहने जा रहा हू। जो शायद ही किसी ने कहा होगा। हमारे देश के सबसे बड़ी ओलंपिक खेलों में नाकामी के पीछे हमारे देश की सरकार ही हैं। क्युंकि जब कोई खिलाडी तैयार होता हैं तो उसके पास ना तो यात्रा करने के लिए रुपये होते हैं और ना ही किट खरीदने के लिए पैसें। आए दिन अखबारों में हमने पढ़ा हैं कि इस खिलाडी ने किट खरीदने के लिए घर बेच दिया। कुछ ने कर्ज लेकर यात्रा किया। ये सब चीज़ छापती ज़रूर हैं।दोस्तों लेकिन, कब जब वो खिलाडी कुछ पदक, मेडल ला दे। ये ही कारण हैं की आज हिंदुस्तान की इतनी  बड़ी आबादी होने के बावजूद आज हमारा देश सिर्फ़ 7 पदक ला सका। अगर देखा जाए तो हमारे देश में सिर्फ़ क्रिकेट को ही सभी फैसिलिटी प्राप्त हैं। बाकी खेलों के बारे मे तो आज भी कुछ लोगों को पता भी नहीं हैं। की ऐसा भी कुछ खेल होता हैं। हमारे कितने ऐसे स्टेट लेवल चैंपियन खिलाडी हैं। जो आज सिर्फ़ और सिर्फ़ इतिहास बन के रह गये हैं। और कितनों को तो मज़दूरी करके अपना जीवन चंलाना पर रहा हैं। ये देख कर कई प्रतिभावन खिलाडियों के माता पिता खेल में जानें से मना करते हैं। और इस तरह से कई खिलाडी का उदय होने से पूर्व ही उनका अस्त हों जाता हैं। और हमारा देश एक चैंपियन को गवा देता हैं। इसलिए हमारे सरकार को अब से बल्कि अभी से ही स्टेट लेवल से लेकर नेशनल लेवल तक के खिलाडियों के लिए सभी सुविधा प्रदान करना चाहिए। ताकि  हमारा देश  सिर्फ़ अंडर 50 मे नहीं बल्कि टॉप 3  देशों में शामिल हो सकें। और हमारे देश में खिलाडियों की कमी नहीं हैं। कमी हैं तो सिर्फ़ उनको तैयार करने की जो हमारे देश के सरकार को करना चाहिए। ताकि अगली 2024 पेरिस ओलंपिक में हमारा देश टॉप 5 में आके अपने देश और देशवासी का नाम रोशन करे. 

              दोस्तों तो कैसा लगा आपको ये पोस्ट कंमेंट करके ज़रूर बताएं। ताकी आने वाले समय में और भी कुछ नया लिखने और करने के लिए प्रेरणा मिले. धन्यवाद दोस्तों. 

Comments

Popular posts from this blog

For Freshers in Affiliate marketing